भीषण कटान की मार झेलने को मजबूर तराई, कटान रोकने व कटान पीड़ितों के बसाने का नही हुआ कोई प्रबंध।। विनय कुमार शुक्ला

भीषण कटान की मार झेलने को मजबूर तराई, कटान रोकने व कटान पीड़ितों के बसाने का नही हुआ कोई प्रबंध।।

विनय कुमार शुक्ला

बहराइच।। बहराइच में घाघरा नदी अपना रौद्र रूप दिखला रही है रुक रुक कर हो रही भीषण कटान से बहराइच जनपद के कैसरगंज तहसील और महसी तहसील के कई गांवो में त्राहि त्राहि मची हुई है कैसरगंज तहसील के मंझारा तौकली के हरिजन बस्ती और महसी तहसील के ग्राम पंचायत भौरी मे घाघरा अपना  प्रचंड रूप दिखलाते हुए खेती योग्य जमीनों को अपनी उफनती धारा में समाहित कर रही है उधर कैसरगंज तहसील के मझारातौकली के मजरा हरिजन बस्ती में दिखा यहां पर घाघरा तो मानो सम्पूर्ण ग्राम पंचायत के स्थानों पर पहुचने को बेताब ही दिखती नजर आ रही है प्राप्त जानकारी के अनुसार हरिजन बस्ती में 22 घर नदी में समाहित हो गए लोग अपने जमीन जायदाद को भूलकर अपने आशियाने को नदी समाहित होते मूकदर्शक बने देखने को मजबूर है और जिनके घर बचे भी है वोह घाघरा के डर गाढ़ी कमाई से बनाया गया घर को तोड़कर जिंदगी की जद्दो जहद में लगे हुए है वही प्रसासन के किये गए दावो की पोल खोल रही है इन ग्रामीण इलाकों की तसबीरें गांव निवासी बताते है 24 घंटे में एक बार कुछ खाने को मिल जाता है बाकी बच्चे तो अमरूद जैसे फल खाकर ही शन्तोष करते है जिससे ग्रामीणों में मचा हडकम्प मचा हुआ है लेकिन प्रसासन की तरफ से कटान रोकने के लिए या कटान पीड़ितों को बसाने के लिए अभी कोई ठोस प्रबंध नही किया गया है।
        फखरपुर की आवाज

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