*लॉकडाउन के विरोध में उठाई आवाज*
*बहराइच*
व्यापार मंडल के आह्वान पर प्रशासन की ओर से लोकल लॉकडाउन की सहमति पर सपा, समाजसेवी व कुछ व्यापारी संगठनों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है।
 मामले में सपाइयों ने शनिवार को कैंप कार्यालय पर हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। वहीं कुछ व्यापारी संगठनों ने प्रभारी डीएम को पत्र सौंपकर लोकल लॉकडाउन के निर्णय को व्यापारी हित में वापस लेने की मांग की है।

शहर के ढपालीपुरवा स्थित सपा के कैंप कार्यालय पर शनिवार को सपाई महसी के पूर्व विधायक *केके ओझा* की अगुवाई में एकत्रित हुये। इस दौरान सभी हाथों में काली पट्टी बांधकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोकल लॉकडाउन पर नाराजगी जताते हुये धरने पर बैठ गये। 
*पूर्व विधायक केके ओझा* ने कहा कि कुछ चंद व्यापारियों से सांठगांठ कर जिला प्रशासन ने लोकल लॉकडाउन की घोषणा की है। यह न्यायोचित नही है।
लॉकडाउन के दौरान पहले से ही छोटे व्यापारी व मजदूर आर्थिक संकट से जूझ रहें हैं। ऐसे में मनमाने तरीके से एक सप्ताह के लिए लोकल लॉकडाउन कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
 छात्रसभा के जिलाध्यक्ष *नंदेश्वरनंद यादव* ने कहा कि रोजगार देने के बजाए मनमाने तरीके से एक सप्ताह के लिए लॉकडाउन करके छोटे व्यापारियों का रोजगार छीना जा रहा है। 
कहा कि अगर निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो सभी आंदोलन करेंगे। इस मौके पर *हर्षित त्रिपाठी*, *शिवम शुक्ला*, *अतुल साहू*, पुष्पेंद्र सोनी आदि मौजूद रहे। वहीं *समाजसेवी सलीम सिद्दीकी* ने कहा कि लोकल लॉकडाउन लगाने का फैसला असंवैधानिक, जनहित के विरुद्ध व कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाला है। 
प्रशासन के मनमाने निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय में वाद दायर कर विरोध जतायेंगे। उधर बिसातखाना लाइन एसोसिएशन के अध्यक्ष *शानू खान* ने प्रभारी डीएम को पत्र सौंपकर लोकल लॉकडाउन को छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न की साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने प्रभारी डीएम से निर्णय को वापस लेने की मांग की है। बहराइच कंप्यूटर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने भी प्रभारी डीएम को पत्र सौंपकर लॉकडाउन को वापस लेने की मांग की