लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार ने कल्याणकारी योजनाआंे के पेंशनार्थियों व किसानों को एडवान्स में पेंशन देकर की आर्थिक मदद

लाॅकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार ने कल्याणकारी योजनाआंे के पेंशनार्थियों व किसानों को एडवान्स में पेंशन देकर की आर्थिक मदद










बहराइच 28 अगस्त। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोविड-19 के दौरान प्रदेश की जनता का विशेष ध्यान रखा है। किसी भी जिले, कस्बे, गाँव में कोई भी व्यक्ति आर्थिक परेशानी में न आये, इसके लिए प्रत्येक स्तर पर समीक्षा करते हुए आर्थिक सहायता दी गई है। सरकार ने प्रदेश में वृद्धावस्थाध्किसान पंेशन योजना के अन्तर्गत पेंशन प्राप्त करने वालों, पति की मृत्योपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजना, दिव्यांगजन पेंशन योजना सहित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत समस्त पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में एडवास में पंेशन की धनराशि भेज दी है। इसके अतिरिक्त सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजनान्तगर्त भारत सरकार से प्राप्त विशेष पैकेज की धनराशि की भी प्रत्येक  निराश्रित महिला पेंशनधारकों के खातों में एक-एक हजार रूपये की धनराशि भेजते हुए आर्थिक सहायता की है। गरीब, मजदूर, प्रवासी श्रमिक, कारीगर, कामगार, शहरी गरीब आदि समस्त जरूरतमंदों को प्रदेश सरकार ने आर्थिक मदद दी है।
कोरोना वायरस के कारण लाॅकडाउन के दौरान सबसे ज्यादा समस्या गरीब तबकों, दैनिक श्रमिकों, कारीगरों, निराश्रित लोगों को खाद्यान्न एवं आवश्यक भौतिक वस्तुओं के क्रय की थी, जिसके लिए उन्हें पैसों की जरूरत थी। मुख्यमंत्री जी ने ऐसी समस्याओं के निदान के लिए प्रदेश के समस्त प्रकार के पेंशनधारकों के खातों में प्रथम त्रैमास की पेंशन धनराशि भेजते हुए उन्हें आर्थिक सम्बल प्रदान किया। प्रदेश सरकार ने गतवर्ष ही वृ़द्धावस्थाध्किसान पेंशन की धनराशि 400 रूपये से बढ़ाकर 500 रूपये प्रतिमाह कर दी थी। 60 वर्ष से अधिक आयु के समस्त पात्र वृद्धजनों को सरकार ने 500 रूपये प्रतिमाह की दर से प्रथम त्रैमास की पेंशन सम्बन्धित लाभार्थी के खातों में भेज दी। प्रदेश में 49,87,054 वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के बैंक खातों में 74805.81 लाख रूपये स्थानान्तरित करते हुए लाभान्वित किया गया है। प्रदेश में इस योजनान्तर्गत वर्ष 2019.20 में कुल 47,99,480 पात्र पेंशनार्थियों कोे 262860.09 लाख रूपये का पंेशन के रूप में भुगतान किया गया। उसी तरह प्रदेश में पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला पेंशन योजनान्र्गत पात्र समस्त 26.07 लाख पेंशनार्थियों के खातों में 500 रूपये प्रतिमाह की दर से पंेशन की धनराशि भेज दी गई। कोरोना के दृष्टिगत मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अन्तर्गत दिये गये विशेष पैकेज के रूप में समस्त पात्र लाभार्थियों को नियमित अनुदान के साथ ही 1000 रूपये की अतिरिक्त धनराशि भी प्रदान की गई। निराश्रित महिलाओं को उक्त पेंशन के साथ विशेष पैकेज की अतिरिक्त 1000 रूपये मिलने से उन्हें आर्थिक मजबूती मिली, जिससे उनका पालन-पोषण अच्छी तरह होता रहा।
 प्रदेश सरकार ने आर्थिक मजबूती के लिए एडवांस में दिया जा रहे त्रैमास पेंशन के अन्तर्गत प्रदेश के 10,67,786 दिव्यांगजनों को 500 रूपये प्रतिमाह की दर से कुल 266.95 करोड़ रूपये व्यय करते हुए दिव्यांगजन पेशनार्थियों के बैंक खातों में धनरािश स्थानानान्तरित कर दी  जिससे उन्हें लाॅकडाउन के दौरान आर्थिक परेशानी न होने पाये। सरकार ने गरीबों, असहायों निराश्रितों के साथ-साथ किसानों को भी ध्यान में रखा। कोरोना के लाॅकडाउन के दौरान किसानों की रबी की फसल पक गई थी, और फसल की कटाई -मड़ाई कर के अनाज-भूसा घर लाना था। खेती किसानी के कार्यो में किसानों को कोई आर्थिक परेशानी न हो, इसे दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत 5वीं किश्त में 1.51 करोड़ एवं छठी किश्त में 1.12 करोड़  किसानों  के खातांे मेें प्रत्येक किश्त में दो हजार प्रति किसान की दर से धनराशि डी0बी0 टी0 के माध्यम से हस्तान्तरित कर लाभान्वित किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत वितरित धनराशि से किसानों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सरकार की प्रसंशा की।
प्रदेश सरकार कोविड-19 के दौरान प्रदेश के निर्बल, असहाय, निराश्रितांे,वृद्धोे महिलाओं, दिव्यांगजनों, किसानों के कल्याणार्थ दी जा रही पेंशन से उन्हंे आर्थिक समस्या नहीं आई। वृद्धावस्था, निराश्रितों महिला पेंशन, दिव्यांगजन, पेंशन के कुल पात्र लगभग 87 लाख लाभार्थियों .को लाभान्वित किया गया। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत सभी पात्र किसानों को उनके खातों में धनराशि भेजकर लाभान्वित किया गया। सरकार  ने प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को आर्थिक समस्या नहीं आने दी।
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बाढ़ बुलेटिन
बहराइच 28 अगस्त। जनपद बहराइच की सरयू नदी (घाघरा नदी) में आयी बाढ़ के परिणामस्वरूप जनपद की प्रभावित हुई तहसीलें, ग्राम एवं बाढ़ प्रभावितों के सहायतार्थ किये गये/किये जा रहे खोज, बचाव एवं राहत कार्यों का विवरण देते हुए अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में वर्षा की क्रमिक स्थिति 01 जून 2020 से 28 अगस्त 2020 तक 809.40 मि.मी. दर्ज की गयी है।
जनपद की नदियों एवं बैराजों पर 28 अगस्त 2020 को प्रातः 08ः00 बजे तक जलस्तर का विवरण देते हुए अपर जिलाधिकारी ने बताया कि सरयू नदी का एल्गिन ब्रिज पर जलस्तर खतरे के निशान 106.07 मी. के सापेक्ष 106.176 मी., घूरदेवी पर जलस्तर 112.135 मी. के सापेक्ष 111.910 मी., गिरजापुरी बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान 136.80 मी. के सापेक्ष 135.45 मी., गोपिया बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान 133.50 मी. के सापेक्ष 130.75 मी. तथा शारदा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान 135.49 मी. के सापेक्ष 135.05 मी. दर्ज किया गया है।
जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावितों हेतु किये गये/किये जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों का आज तक का विवरण देते हुए अपर जिलाधिकारी ने बताया कि अब तक जनपद की 04 तहसीलों के 82 ग्राम बाढ़ से प्रभावित हैं। जबकि मैरूण्ड ग्राम 07 हैं। बाढ़ से प्रभावित जनसंख्या 198893, पशु 39353 एवं प्रभावित क्षेत्रफल 21808.10 हे. है। बाढ़/कटान से अब तक क्षतिग्रस्त मकानों/झोपड़ी की संख्या 357, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित बाढ़ चैकियों की संख्या 27, प्रभावित क्षेत्र में 01 बाढ़ शरणालय संचालित है जिसमें 09 लोग रह रहे हैं।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि खोज एवं बचाव कार्य में 228 नावें व 03 मोटर बोट लगायी गयीं हैं। जबकि खोज एवं बचाव कार्य के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 01 प्लाटून पी.ए.सी. व 01 टीम एन.डी.आर.एफ. की तैनात है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को त्वरित उपचार की सुविधा प्रदान करने के लिए 48 मेडिकल टीमें गठित की गयी हैं। अब तक 7094 लोगों को चिकित्सकीय सुविधा प्रदान की गयी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1562 पशुओं का उपचार तथा 90361 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 207.20 कुण्टल भूसा का वितरण किया गया है। जबकि पीड़ितों को बारिश के पानी से बचाव के लिए 6612 अदद तारपोलीन शीट का वितरण किया गया है। इसके अलावा 42603 बाढ़ प्रभावितों को खाद्यान्न राहत सामग्री किट तथा 25465 ज़रूरतमन्द लोगों को लंच पैकेट का वितरण किया गया है। 
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि वितरित की जा रही खाद्य सामग्री किट में 10 कि.ग्रा. आटा, 10 कि.ग्रा. चावल, 10 कि.ग्रा. आलू, 05 कि.ग्रा. लाई, 02 कि.ग्रा. भूना चना, 02 कि.ग्रा. अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम मिर्च, 250 ग्राम धनियां, 01 पैकेट मोमबत्ती, 01 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 लीटर रिफाइण्ड तेल, 01 पैकेट क्लोरीन टैबलेट एवं 02 अदद नहाने का साबुन रखा गया है।
जिलाधिकारी द्वारा बाढ, राहत एवं बचाव से सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं कि बाढ़ राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता एवं उदासीनता न बरती जाये। सभी सम्बन्धित अधिकारियों द्वारा बाढ़़ प्रभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित लोगों को शासन द्वारा अनुमन्य सभी सुविधाएं मुहैय्या करायी जायें। जिलाधिकारी द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के भ्रमण के दौरान आमजनमानस को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन के साथ-साथ मास्क के उपयोग के बारे में जानकारी प्रदान करें साथ ही राहत एवं सामग्री वितरण के कार्यों में सोशल डिस्टेन्सिंग का भी कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ सम्बंधी समस्याओं के निराकरण तथा बाढ़ सम्बंधी सूचना/शिकायत दर्ज कराये जाने के उद्देश्य से राउण्ड-द-क्लाक संचालित बाढ़ कन्ट्रोल रूम का दूरभाष नं 05252-230132 तथा ट्रोल फ्री नं 1077 है।