बहराईच

ग्रामीण क्षेत्रों में बेसहारा पशुओं के विचरण पर जिम्मेदार होंगी ग्राम पंचायतें: जिलाधिकारी
बहराइच 26 मई। शासन के निर्देशानुसार जनपद के समस्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों (यथा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, नगर पालिका व नगर पंचायत) में अस्थाई गौवंश आश्रय स्थलों का सुव्यवस्थित ढंग से संचालन सुनिश्चित कराये जाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों/समितियों के कर्तव्य एवं दायित्वों की समीक्षा के लिए शनिवार को देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने सभी सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने एवं सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराये जाने का निर्देश दिया।
विकास खण्ड हुज़ूरपुर अन्तर्गत अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल के निर्माण कार्य में संतोषजनक प्रगति न पाये जाने की स्थिति का कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि खण्ड विकास अधिकारी हुज़ूरपुर के विरूद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए यथास्थिति से शासन को भी अवगत करा दिया जाय। इसी प्रकार बैठक से अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत का 01 दिन का वेतन बाधित करने के साथ-साथ बिना अनुमति के मुख्यालय छोड़ने के सम्बन्ध में कार्यवाही किये जाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया। नगर पंचायत क्षेत्र जरवल व रिसिया में अधिक संख्या में छुट्टा जानवर पाये जाने पर सम्बन्धित अधिशासी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी ग्राम प्रधानों को इस बात की जानकारी दे


दी जाये कि यदि उनकी ग्राम पंचायत में कहीं कोई निराश्रित पशु है तो उसे तत्काल अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल पहुॅचा दें। अन्यथा की स्थिति में यदि किसी क्षेत्र में कोई निराश्रित पशु पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी सम्बन्धित ग्राम पंचायतों की होगी। खण्ड विकास अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि ग्राम प्रधानों के साथ बैठक आयोजित कर इस आशय का प्रमाण-पत्र प्राप्त करें कि उनके क्षेत्र में किसी प्रकार के निराश्रित पशु नहीं हैं। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि समस्त खण्ड विकास अधिकारियों से वार्ता कर अस्थाई गौवंश आश्रय स्थलों का विद्युतीकरण कराया जाना सुनिश्चित करें।

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